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इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting): आजकल लोगों के बीच डाइटिंग का एक नया तरीका काफी पॉपुलर हो रहा है, जिसे इंटरमिटेंड फास्टिंग कहते हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस से लेकर कई जानी मानी हस्तियों ने इस फास्टिंग के जरिए अपना वजन घटाया है। और अब वजन घटाने का ये तरीका काफी पॉपुलर हो गया हैं।
क्या होता है इंटरमिटेंट फास्टिंग (अंतराल उपवास)
इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) एक ऐसी फास्टिंग प्रक्रिया है जिसमे आपको अपने पूरे दिने के भोजन या डाइट को कुछ घंटो में बांटना होता है इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आपको कुछ घंटे खाने पीने के लिए रखने होते है और बाकि के घंटे आप फ़ास्ट रखते है यानि की बिना कुछ खाए पिए ! कुछ समय तक आपको यही डाइट या इंटरमिटेंट फास्टिंग रूल को फॉलो करना होता हैं | आप इसे पारंपरिक उपवास की तरह न देखें, जहां आप लगातार भूख से जूझते रहते हैं. इंटरमिटेंट फास्टिंग आपके खाने के समय को निर्धारित करता है, न कि मात्रा को.
तो चलिए रूबरू होते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) के विभिन्न रूपों से:
8 घंटे खाएं, 16 घंटे आराम करें (16/8): यह सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है. इसमें आप पूरे दिन के 24 घंटों को हिस्सों मे 16/8 बांट लेते हैं जिसमे आप दिन के 8 घंटे में अपने सारे मील जैसे नाश्ता, लंच या डिनर लेते हैं। और बाकी के 16 घंटे बिना खाएं रहते हैं
14/10 फास्टिंग डाइट – अगर आप इस तरीके को अपनाते है जो इसमें आपको दिन के 14 घंटे बिना कुछ खाए रहना होता हैं और बाकी के 10 घंटों में आपको सारे अपने मील लेने होते हैं। जैसे अगर आप दिन का पहला भोजन या नाश्ता सुबह 9 बजे लेते हैं तो आपको 7 बजे तक अपना आखिरी मील यानि डिनर तक लेना चाहिए। इसके बाद कुछ नहीं खाएं।
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हफ्ते के दो “छोटे खाने” वाले दिन (5:2 डाइट): इस प्लान में आप सप्ताह के 5 दिन सामान्य रूप से अपना मील लेते हैं, लेकिन बाकी 2 दिनों में आपको लो कैलोरी फूड लेना है जिसमें आप दिन में 500 से 600 कैलोरी लेते हैं। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो पूरे दिन उपवास करने के बारे में नहीं सोच सकते.
खाओ-रुको-खाओ (Eat-Stop-Eat): यह थोड़ा अधिक तीव्र है. इसमें सप्ताह में एक या दो बार लगातार 24 घंटे का उपवास शामिल होता है. इसमें फस्टिनग डाइट मे आप एक दिन नॉर्मल खाना लेते हैं और अगले दिन आप लो कैलोरी फूड लेते हैं। जिसमें आप 500 से 800 कैलोरी पूरे दिन में लेते हैं।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं हैं. अध्ययनों से संकेत मिलते हैं कि इससे ये भी हो सकता है:
- ब्लड शुगर लेवल को बेहतर बनाए: यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्हें मधुमेह का खतरा है।
- मस्तिष्क को तेज करे: कुछ शोध बताते हैं कि यह नई मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकता है।
लेकिन इसे शुरू करने से पहले सावधानी जरूरी है!
- अपने डॉक्टर से सलाह लें: अगर कोई महिला गर्भवती हैं, या स्तनपान करा रही हैं, या कोई स्वास्थ्य समस्या है तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
- धीरे-धीरे शुरुआत करें: अगर आप नए हैं, तो कम समय से उपवास करके शुरुआत करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
- हाइड्रेटेड रहें: उपवास के दौरान भी भरपूर पानी पीना न भूलें।
- पौष्टिक भोजन चुनें: जब आप खाते हैं, तो संतुलित आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल हों।
- अपने शरीर की सुनें: अगर आप अस्वस्थ महसूस करते हैं या कमजोरी आती है, तो उपवास रोक दें और खा लें।
जब आप अपने स्वास्थ्य और शरीर के लिए फास्टिंग डाइट का प्लान कर रहे हैं, तो सबसे पहले आपको अपनी आवश्यकताओं और स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि आपकी फास्टिंग विधि आपके विशेष स्वास्थ्य स्थितियों और आवश्यकताओं के साथ मेल खाए। आपकी बीमारी और स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, फास्टिंग प्लान और डाइट को तैयार किया जाता है। इसलिए, फास्टिंग शुरू करने से पहले चिकित्सकों और डाइटिशियन का सहारा लेना बेहद आवश्यक है।