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Haryana Mukhyamantri dugdh Uphaar Yojana: मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान कर उनकी सेहत में सुधार लाना है। हरियाणा सरकार की इस पहल का उद्देश्य कुपोषण को कम करना और बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।
योजना की सफलता और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना की शुरुआत अगस्त 2020 में हुई थी, और तब से अब तक राज्य में कुपोषण को कम करने में इस योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योजना के तहत, राज्य में 6 महीने से 6 साल तक के 9 लाख से अधिक बच्चों और लगभग 3 लाख गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना (Mukhyamantri dugdh Uphaar Yojana) ने हरियाणा में कुपोषण को कम करने और स्वास्थ्य में सुधार लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार का यह प्रयास न केवल गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव लेकर आया है।
योजना के तहत लाभार्थियों को क्या मिलेगा?
इस योजना के तहत, राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में चिन्हित गर्भवती महिलाओं और 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों को साल में 300 दिन मुफ्त स्किम्ड दूध प्रदान किया जाता है। यह दूध विभिन्न फ्लेवर्स में उपलब्ध कराया जाता है ताकि बच्चों और महिलाओं को इसे पीने में रुचि हो।
सरकारी स्कूलों में भी मिलेगा दूध
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना (Mukhyamantri dugdh Uphaar Yojana) के अंतर्गत अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों में भी 14 से 18 वर्ष की आयु की छात्रों को साल में 150 दिन मुफ्त दूध उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य न केवल बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाना भी है।
योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें?
- मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिलाओं और 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से संपर्क करना होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर भी इस योजना का लाभ प्रदान करती हैं।
हरियाणा मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता/योग्यता :
- गर्भवती महिलाएं: जो महिलाएं गर्भवती हैं और हरियाणा राज्य की निवासी हैं, वे इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र हैं।
- बच्चों की आयु: इस योजना का लाभ 6 महीने से 6 साल तक की आयु के बच्चों को दिया जाता है। बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत होने चाहिए।
- आंगनबाड़ी केंद्र से पंजीकरण: योजना का लाभ पाने के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत होना आवश्यक है।
- निवास प्रमाण पत्र: लाभार्थियों को हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और इसके लिए निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
- स्कूल के छात्र: योजना के तहत सरकारी स्कूलों में 14 से 18 वर्ष की आयु के छात्राओं को भी दूध उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए इन स्कूलों में नामांकित छात्रों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
यदि आप इन योग्यता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना का लाभ उठाने के पात्र हैं।