Table of Contents
Kanya Sumangala Yojana: कन्या सुमंगला योजना के जरिए प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। समाज में बेटियों को उचित स्थान दिलाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। अभी तक इस योजना में बेटियों को आर्थिक सहायता के रूप में ₹15000 की राशि मुहैया कराई जाती है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (kanya sumangala yojana) के तहत अब मिलेंगे 25,000 रुपए
हाल ही में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर इस योजना की धनराशि को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है। यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो बेटियों के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अभी तक हम बेटियों को ‘कन्या सुमंगला योजना’ के अंतर्गत ₹15,000 उपलब्ध करा रहे हैं, अगले वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर ₹25,000 करेंगे: #UPCM @myogiadityanath pic.twitter.com/rTp8KsIMNl
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 30, 2023
कन्या सुमंगला योजना: बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव
कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है जो बालिकाओं के जन्म, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रोत्साहन देकर उनके सुनहरे भविष्य की नींव रखता है। इस योजना के जरिए सरकार न केवल बालिकाओं के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है, बल्कि समाज की सोच को भी बदलने की दिशा में अग्रसर है।
Kanya Sumangala Yojana के लाभः
कन्या सुमंगला योजना के तहत, बालिका के जन्म के बाद से ही उसे छह किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता बालिका के जन्म, टीकाकरण, शिक्षा और उच्च शिक्षा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
- जन्म के समय, जिनका जन्म 01/04/2019 या उसके पश्चात् हुआ हो: ₹2,000 की एकमुश्त धनराशि
- जिनका 1 वर्ष के अंदर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका जन्म 01/04/2018 से पूर्व न हुआ हो: ₹1,000 की एकमुश्त धनराशि
- प्रथम कक्षा में प्रवेश के बाद: ₹2,000 की एकमुश्त धनराशि
- छठी कक्षा में प्रवेश के बाद: ₹2,000 की एकमुश्त धनराशि
- नौवीं कक्षा में प्रवेश के बाद: ₹3,000 की एकमुश्त धनराशि
- स्नातक या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश के बाद: ₹5,000 की एकमुश्त धनराशि
इस योजना (kanya sumangala yojana) का लाभ कौन ले सकता है?
- इस योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के वहीं परिवार उठा सकते हैं तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो, जिसमें राशन कार्ड/आधार कार्ड/वोटर पहचान पत्र/विद्युत/टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
- जिनकी वार्षिक आय अधिकतम ₹300000 या फिर उससे कम है।
- किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
- परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
- किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ मिलेगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकायें ही होती हैं तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ मिलेगा।
- यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकायें इस योजना की लाभार्थी होंगी।
इस योजना के अंतर्गत आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://mksy.up.gov.in/women_welfare/index.php) के माध्यम से किया जाता है।