Tuesday, January 13, 2026

शनि जयंती (Shani Jayanti) 2024: महत्त्व, तिथि, पूजा विधि और उपाय

by Siddhik Times
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Shani Jayanti 2024

शनि जयंती (Shani Jayanti) 2024: शनि जयंती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भगवान शनि के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। भगवान शनि, जिन्हें न्याय का देवता माना जाता है, शनि ग्रह के स्वामी हैं और जीवन में कर्मों के फल देने वाले हैं। इस दिन का विशेष महत्त्व है क्योंकि इसे भगवान शनि की कृपा प्राप्त करने और उनकी अशुभ दृष्टि से बचने के लिए शुभ माना जाता है।

शनि जयंती का महत्व

शनि जयंती का धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टिकोण से विशेष महत्व है। शनि देव को सौर मंडल में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है, और उनका प्रभाव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में देखा जाता है। शनि जयंती के दिन भगवान शनि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। साथ ही, यह दिन शनि दोष, साढ़े साती और ढैया के प्रभाव को कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

कब है शनि जयंती (Shani Jayanti Date)

शनि जयंती 2024 में 6 जून को मनाई जाएगी। यह दिन ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को आता है, और इसी दिन भगवान शनि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

शनि जयंती पर पूजा विधि:

स्नान और शुद्धिकरण: प्रातःकाल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
शनि देव की प्रतिमा या चित्र: पूजा के लिए भगवान शनि की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
दीप प्रज्वलन: एक दीपक जलाएं और भगवान शनि के सामने रखें।
धूप-दीप: धूप और दीपक से भगवान शनि की आरती करें।
काला तिल और सरसों का तेल: शनि देव को काले तिल और सरसों के तेल से अभिषेक करें।
नीलम का फूल: नीले या काले रंग के फूल भगवान शनि को अर्पित करें।
शनि मंत्र जाप: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। कम से कम 108 बार इस मंत्र का उच्चारण करें।
विशेष भोग: भगवान शनि को विशेष रूप से तेल से बने पकवान, उड़द की दाल और काले तिल के लड्डू का भोग लगाएं।
दान-पुण्य: गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें। काले तिल, काले वस्त्र और लोहे की वस्तुएं दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।

शनि जयंती के उपाय:

सात्विक जीवन: सादा और सात्विक जीवन जीने का प्रयास करें। भगवान शनि को सच्चाई और न्याय प्रिय हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी की उपासना करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
शनिवार का व्रत: शनिवार का व्रत रखें और शनि मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करें।
काले कुत्ते को रोटी खिलाना: शनिवार के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है।
शनि स्तोत्र का पाठ: शनि स्तोत्र या शनि चालीसा का नियमित पाठ करें।
शनि जयंती के दिन भगवान शनि की पूजा-अर्चना करके उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है। इस शुभ दिन का लाभ उठाएं और भगवान शनि की कृपा प्राप्त करें।

डिस्क्लेमर : यह लेख शनि जयंती के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान करता है। इस लेख में दी गई जानकारी किसी पेशेवर ज्योतिषीय या धार्मिक परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या उपाय को अपनाने से पहले अपने गुरु या धार्मिक विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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